4 जनों ने मिलकर जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री बांटने का काम शुरू किया, अब 40 जनों की टीम रोजाना 1 हजार लोगों तक पहुंच रही

 23 मार्च से कस्बे के समाजसेवी व भामाशाह ओमप्रकाश सोलंकी ने सबसे पहले 4 लोगों के साथ मिलकर जरूरतमंदों तक राशन पानी पहुंचाने के लिए एक टीम बनाई। अब इस टीम में 40 लोग जुड़ चुके हैं। वे राेजाना क्षेत्र के एक हजार परिवारों तक पहुंच रहे हैं। खुद के खर्चे से तीन लाख रुपए लगाकर भोजनशाला बनवाई। साथ ही पूरे कस्बे को सेनेटाइज कराया। सोलंकी बताते हैं कि जरूरतमन्दों के लिए भोजनालय खोलने की योजना बनाई तो बिना रुपए लिए खाना बनाने के लिए श्यामलाल सांखला ने उनका साथ दिया। उसके बाद अचलदास व महिपालसिंह चारण भी जुड़ गए। देखते ही देखते भोपाल सिंह चारण, ताराचंद सांखला, कैलाश वैष्णव, सोहनलाल सांखला, सरवन गहलोत, विनोद देवड़ा, राज देवड़ा, बंशीलाल सोलंकी, सुनील, मनीष गहलोत, नरपत, हेंमत शर्मा, महेश गहलोत जैसे समर्पित लोग जुड़ गए। अब टीम मथानिया, राजासनी, चौपासनी चारणान, कोटड़ा, जुगतसिंह नगर के जरूरतमंद लोगों के लिए हर रोज करीब 1 हजार पैकेट बनाकर लोगों में बांट रही है।  


सोलंकी ने बताया कि भोजनशाला के लिए 51 हजार रुपए ब्राह्मण समाज, 40 हजार खेत पालसिंह चारण, 15 हजार चेनाराम देवड़ा, 15 हजार गोविंद व जितेंद्र देवड़ा, 11 हजार ईश्वरसिंह चारण व 11 हजार साक्षी डागा पुत्री पवन डागा ने दिए। उनकी टीम के कुछ सदस्य भोजनशाला, सामग्री लाने व बाकी सदस्य भोजन वितरण की व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं। 


शहीदे आजम सरदार भगतसिंह स्कूल के शिक्षकों ने रसद सामग्री के लिए दिए एक लाख रुपए
शहीदे आजम सरदार भगतसिंह शिक्षण संस्थान के अध्यापकों ने रविवार को जरूरतमन्द लोगों को रसद सामग्री उपलब्ध करवा रहे हेल्पिंग हैंड ग्रुप को एक लाख रुपए का सहयोग किया। स्कूल संचालक नृसिंह भार्गव ने बताया कि सभी अध्यापकों ने अपना 5 दिन का वेतन जमा करवाकर ये सहयोग राशि दी है। इससे पूर्व स्कूल की ओर से 11 हजार रुपए की सहयोग राशि ग्रुप को दी गई थी। गौरतलब है कि लॉकडाउन की स्थिति में कस्बे के गरीब, मजदूरों एवं दूसरे जिले से आए लोगों की सहायता के लिए यह ग्रुप बनाया है।