केके कॉलोनी में बुजुर्ग का निधन, पुलिस व मेडिकल टीम की गाड़ी से घिरे चार लोग पैदल ले गए शव

कोरोना के चलते हाइरिस्क जोन घोषित बासनी की केके कॉलोनी में शनिवार को भय की एक अलग तस्वीर सामने आई। केके कॉलोनी निवासी रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी 80 वर्षीय बाबूलाल शर्मा की प्राकृतिक मौत हो गई, लेकिन पूरे इलाके के लोगों में भय इस कदर व्याप्त हो गया कि मानो कोरोना संदिग्ध की मृत्यु हुई हो। कोई रिश्तेदार भी गमी में परिवारजन को सांत्वना देने नहीं पहुंच सका। पुलिस व मेडिकल टीम की गाड़ियों से घिरे चार लोग शव को पैदल मोक्षधाम तक ले गए और अंतिम संस्कार किया।
बाबूलाल का निधन शनिवार दोपहर करीब दो बजे हुआ। सूचना पर सब-इंस्पेक्टर साहिब सिंह मेडिकल टीम के साथ उनके निवास पहुंचे और पोते मोहित व गजेंद्र शर्मा से पूछताछ कर मेडिकल चैकअप किया, फिर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की इजाजत दी। अर्थी को कांधा देने क्षेत्र के कुछ युवा आगे आए, लेकिन पुलिस ने इसके लिए केवल चार लोगों को जाने की इजाजत दी। पुलिस जीप व मेडिकल टीम की गाड़ी मोक्षधाम तक आगे चल रही थी और शवयात्रा पीछे। जहां-जहां से शवयात्रा निकली पुलिस और मेडिकल टीम को देखकर छतों और बालकनी में खड़े लोग भय से ऐसे देख रहे थे, जैसे किसी कोरोना संदिग्ध की शवयात्रा हो। शाम करीब पांच बजे शवयात्रा राजीव गांधी कच्ची बस्ती स्थित ब्राह्मण समाज के मोक्षधाम पहुंची, जहां पर एक टैक्सी में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां मंगवाई गईं और सारी औपचारिकता करके अंतिम संस्कार किया गया।